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Tuesday, 19 June 2018

घमंड के कारण हुआ योगी का विनाश

घमंड के कारण हुआ योगी का विनाश

नमस्कार दोस्तों लोग कहते हैं |
कि घमंड जब सर पर चढ़ जाता है और वह लोगों का अपमान करने लगता है |
तो वह कितना भी शक्तिशाली हो परम ज्ञानी हो फिर भी वह रावण की भांति मारा जाता है और उसका घमंड चकनाचूर होता है इतिहास गवाह है जिन राजाओं ने जिन महाराजाओं ने घमंड किया है उसका विनाश निश्चित है

जनता की बात ना मानना जनता की बात ना सुनना यह सब घमंड की निशानी है और अपने मुंह से किसी का भी अपमान कर देना चाहे दुश्मन हो चाहे दोस्तों किसी को अपने से ऊपर न समझना अपने आप को परम ज्ञानी समझना

इस सारे लक्षण विनाश का  है और यह सारे लक्षण ढोंगी आदित्यनाथ में समाए हुए हैं उनकी भाषा देखी जाए तो एक गवार से भी बदतर है

जाहिल गांव में रहकर बातें कम और ज्यादा गालियां देते हैं आपने देखा होगा गवार लोग हर एक बात पर गाली देते हैं

गाली देने की आवश्यकता ना हो तब भी और

योगी आदित्यनाथ के भड़काऊ भाषण देना और दूसरे पार्टी के नेताओं को गंदी-गंदी भद्दी भद्दी गालियां देना जब उन्होंने यूपी का पहला उप चुनाव लड़ रहे थे

तो उन्होंने मायावती और अखिलेश यादव को एक भद्दा कमेंट किया वह कमेंट था सांप छछूंदर मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं सांप छछूंदर मतलब मैं समझाती हूं

शायद अखिलेश यादव को सांप और मायावती को  छछूंदर योगी आदित्यनाथ ने कहा था इसका मतलब होता है कि भाषा की सारी मर्यादा तोड़ दी गई और एक ऐसा उदाहरण पेश किया गया जिससे लोगों का अपमान हो

अखिलेश यादव और मायावती ने किसी को भी इस तरीके से भद्दी गालियां नहीं दी इसी कारण शायद वह उप चुनाव जीत गई जहां बीजेपी का 30 साल से कब्जा था गोरखपुर में मैं भी

योगी ने अपनी मर्यादा खो दिया था सांप की कहानी मैं बताती हूं आप लोगों को

सांप अगर छछूंदर को खाता है तू वह मर जाएगा अगर  उगलता है तो अंधा हो जाएगा

यह दोनों विनाश के कारण होते हैं और जब योगी गोरखपुर और फूलपुर का चुनाव हार गए फिर भी उनका घमंड टूटा नहीं है

और बढ़ गया उन्होंने संसद में कह दिया की अखिलेश यादव को की जूठन लोगों की जूठन पर पलने वाली पार्टी है इसका मतलब मायावती ने जो सीट छोड़ दी है उनके वोटों के आधार पर फूलपुर और गोरखपुर में अखिलेश यादव ने चुनाव जीता है इसका मतलब जूठन इसका मतलब जो खाने पीने से बचाता है

और उसको फेंक दिया जाता है उस जूठन को खाकर अखिलेश यादव ने गोरखपुर फूलपुर का चुनाव जीता है उनकी घमंड का दूसरा उदाहरण

और उन्होंने कैराना उपचुनाव में अजीत सिंह की भीख मांग रहे हैं गली गली वोटों के लिए तो यह काम हर नेता करता है यह उन पर भी लागू होता है कि गली गली भीख मांगते ही CM बने तो ऐसी अभद्र टिप्पणी करना किसी सामाजिक समाज में उचित नहीं है

और यह उनके जीवन को दर्शाता है इसीलिए कभी घमंड नहीं किया जाता जो मिलता है उस पर काम किया जाता और योगी ने अखिलेश यादव को नीचा दिखाने के लिए यूपी में जांच पर जांच जांच जांच जांच जांच कर दी अपने कामों की जांच नहीं कराई और इसका उदाहरण बनारस में देखने को मिला पुल गिरा और  दर्जनों लोग मारे गए

कुशीनगर में  स्कूली बच्चे क्रॉस करते समय  रेलवे क्रॉसिंग  पर मारेगा सारे लोग मर गए सारे बच्चे

और गोरखपुर में  सैकड़ों बच्चे ऑक्सीजन की कमी की वजह से मारे गए और गोरखपुर में बच्चे मारे जा रहे हैं उस पर ध्यान नहीं देते और दूसरों पर उंगली उठाते अभद्र टिप्पणी करना है

जो योगी के विनाश का कारण बन चुका है और उनका विनाश हो रहा है और जल्दी ही नरेंद्र मोदी अमित शाह कुर्सी से उतार कर उनको भेज सकते हैं गोरखपुर के मठ में आश्चर्य की बात नहीं होगी

जय हिंद जय भारत

Wednesday, 11 April 2018

उत्तर प्रदेश में नव निर्वाचित ब्राह्मण विधायकों की सूची (shared as received, and forward only to enlighten the concept only ,however there may be some factual error.) हमारा देश आज भी जाति बिशेष बनकर रह गयी है ।

उत्तर प्रदेश में नव निर्वाचित ब्राह्मण विधायकों की सूची
(shared as received, and forward only  to enlighten the concept only ,however there may be some factual error.)
हमारा देश आज भी जाति बिशेष बनकर रह गयी है ।

1. प्रतिभा शुक्ला - अकबरपुर रनिया
2. योगेंद्र उपाध्याय- आगरा
3. अमिताभ बाजपेयी- आर्यनगर कानपुर
4. सतीष चन्द त्रिवेदी-इटवा
5. हर्षवर्धन बाजपेयी-इलाहाबाद
6. मनोज कुमार पांडेय-ऊचाहार
7. चन्द्रम प्रकाश शुक्ल _ कप्तान गंज
8. जटाशंकर त्रिपाठी - खड्डा
9. जय चौबे- खलीलाबाद
10. चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय- चित्रकूट
11. विनय शंकर तिवारी-चिल्लूपार
12. अर्चना पाण्डे - छिबरामऊ
13. विजय मिश्र -ज्ञानपुर
14. रितेश पाण्डे -जलालपुर
15. प्रेम नारायण पांडेय -तरबगंज
16. कैलाश नाथ शुक्ल -तुलसी पुर
17. अमन मणि त्रिपाठी -नौतनवा
18. सुभाष त्रिपाठी -पयागपुर
19. उपेंद्र तिवारी -फेफना
20. सुनील दत्त द्विवेदी -फरुखाबाद
21. आराधना मिश्र- रामपुर
22. ब्रजेश पाठक -लखनऊ
23. देवमणि द्विवेदी -लम्भुआ
24. नीलकांत तिवारी -वाराणसी
25. रजनी तिवारी- शाहबाद
26. ज्ञान तिवारी -सेवता
27. शीतल पांडे- सहजनवा
28. अविनाश त्रिवेदी- बक्शी का तलाब
29. रामनरेश अग्निहोत्री -भोगांव
30. लीना तिवारी- मडियाहू
31. सुरेश तिवारी -बरहज
32. प्रकाश द्विवेदी -बांदा
33. राजेश कुमार मिश्र -बिथरी
34. ह्रदय नारायण दिक्षित -भगवंतनगर
35. रवींद्र नाथ त्रिपाठी -भदौही
36. भूपेष चौबे -राबर्ट्सगंज
37. कमलेश शुक्ल -रामनगर
38. शरद कुमार अवस्थी -रामनगर
39. अनिल पाराशर -कोल
40. अरविंद गिरि- गोकर्णनाथ
41. सत्य देव पचौरी -गोविंदनगर
42. रवि शर्मा- झांसी
43. सतीष चन्द शर्मा -दरियाबाद
44. रीता बहुगुणा जोशी -लखनऊ
45. श्रीकांत शर्मा -मथुरा
46. नीलम करवरिया- मेजा (इलाo)
47. राकेश गौस्वामी- महोबा
48. श्याम सुंदर शर्मा- मांट
49- महेश चंद्र त्रिवेदी- किदवई नगर
50. राधा क्रषण शर्मा- बिल्सी
51. सुनील शर्मा - साहिबाबाद
52. रामवीर उपाध्याय- सादाबाद
53. बाला प्रसाद अवस्थी- धौरहरा
54. शशांक त्रिवेदी- महोली
55- अलका राय- मोहम्मदाबाद (गाजीपुर)
56. रत्नाकर मिश्रा- मिर्ज़ापुर
57. रमेश चंद्र मिश्रा- बदलापुर
58. कमलेश शुक्ल- रामपुरकरखाना
59- इंद्रप्रताप उर्फ़ खब्बू तिवारी- गोसाईगंज
60- राम फेरन पांडेय - श्रावस्ती
61- आशुतोष उपाध्याय - भाटपार रानी
62- विनय द्विवेदी उर्फ़ बिन्नू भैया- मेहनोंन (गोंडा)
63- आनंद स्वरूप शुक्ला- बलिया
पँ अवनी
इतने सारे विधायक अगर यादव होते तो जातिवाद फ़ैल जाता, और बड़े शर्म की बात होती है कि दूसरे तो बाद में बोलते पहले तथाकथित यादव(ऐसे नकली यादवो की वजह से ही हम आज तक पिछड़े हुए है क्योंकि ये सामजिक संगठन का धर्म निभाने में बड़ी शर्म महसूस करते है। ) ही इसे जातिवाद घोषित कर देते। कैसा लचीला जातिवाद है ये।😟😟

Friday, 16 March 2018

सत्ता के नशे में छोड़कर चला गया भगवान शिव का मठ ढोंगी आदित्यनाथ

सत्ता के नशे में भगवान शिव का मठ छोड़कर चला गया ढोंगी आदित्यनाथ

सत्ता एक ऐसी नशे है एक ऐसा अफीम होता है जिसे कोई एक बार चख ले तो उस नशे के बिना नहीं रह सकता यह जब नशा सा किसी पर चढ़ता है हेतु वह भगवान को भी भूल जाता है

और  खुद को भगवान समझने लगता है यही हाल योगी ढोंगी आदित्यनाथ का हुआ जिस मठ की सेवा करने के लिए कई पुजारी दिन रात लगे रहते हैं जिस मठ का उत्तराधिकारी बनने के लिए कई लोगों ने अपनी जीवन खफा दी मगर भोले बाबा शिव शंकर किसी एक को ही चुनते हैं अपनी सेवा के लिए उसको ही शक्ति देते हैं मगर वह नहीं जानते थे कि वह अपनी सेवा के लिए एक ढोंगी को चुन रहे है।

और जो सत्ता के नशे में चूर होकर भगवान की भक्ति भूल जाएगा और किसी नेता का प्रचार पार्टी का प्रचार करेगा भोले बाबा का प्रकोप बरसा

जो कई सालों तक नहीं हुआ वह अब हुआ सत्ता एक ऐसी नशा है जिसमें आदमी भगवान तक को भूल जाता है और यही हुआ ढोंगी आदित्यनाथ जहां से शक्ति प्राप्त करता है

उसी मठ को छोड़कर वह सत्ता के नशे में सत्ता के गलियारों में पहुंच गया और उसका हाल यही हुआ कि भोले बाबा उसे अपने मठ से बाहर निकाल  दिया

और उस ढोंगी आदित्यनाथ को उस की सजा दी अगर कोई बाबा या योगी धर्म का प्रचार ना कर के किसी एक पार्टी प्रचार करता है

तो ढोंगी बन जाता है और जन की सेवा ना करता हो बस एक जाति विशेष जिसे वह अपना धर्म समझता है तो वह ढोंगी बन जाता है ढोंगी किसी का नहीं होता भगवान को वह अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है

ढोंगियों का यही हाल होता है होता रहेगा जो ढोंगी धर्म का चोला ओढ़कर धर्म का प्रचार ना करें सिर्फ नफरत फैला है और एक पार्टी एक झंडे का प्रचार करे यह ढोंगियों की निशानी है

भगवान शिव ने बहुत अच्छा किया जो एक ढोंगी को अपने मठ से निकाल दिया

जय भोलेनाथ

जय शिव शंकर

ढोंगी आदित्यनाथ को शिव भोले ने दी सबसे बड़ी सजा

मैं नेता के पैर नहीं छूता नेता मेरे पैर छूते हैं योगी अब नेता बन गया पाखंडी ढोंगी

बाबा को जो सत्ता का नशा चढ़ता है तो विनाश होता है विकास नहीं

बाबा भगवान का प्रचार करते हैं ना कि किसी पार्टी का पार्टी का प्रचार ढोंगी लोग करते हैं नेता लोग करते हैं

योगी धर्म का प्रचार कम और पार्टी का प्रचार ज्यादा करता है वह एक ढोंगी बन गया है ढोंगी योगी

ढोंगी आदित्यनाथ सत्ता का नशा में छोड़कर भगवान का मठ चला गया भगवान ने दी उसको इतनी बड़ी सजा अपने मठ से ही कर दिया उसको बाहर नशा घमंड चकनाचूर हुआ ढोंगी आदित्यनाथ का सत्ता का नशा इतना चढ़ा वह भगवान की पूजा और धर्म का प्रचार करना भूल गया सिर्फ एक पार्टी का प्रचार एक झंडे का प्रचार करने लगा भोलेनाथ ने दी है उसको सबसे बड़ी सजा

Thursday, 18 January 2018

BJP सरकार का 3 साल में कामBJPसरकार के पिछले तीन साल के काम करने का ब्यौरा निम्न प्रकार है:

#BJPसरकार के पिछले तीन साल के काम करने का ब्यौरा निम्न प्रकार है:
★आधार कार्ड बनवाओ।
★आधार को खाते से लिंक करो।
★आधार को मोबाइल से लिंक करो।
★आधार को पेन कार्ड से लिंक करो।
★एलपीजी नम्बर को आधार से लिंक करो।
★जुलाई से पहले रिटर्न भर दो।
★नोट बदल लो।
★बदले हुए नोट का हिसाब दो।
★गैस सब्सिडी सरेंडर कर दो।
★रेलयात्रा में सब्सिडी ले रहे हो मुफ्तखोर!
★एटीएम से इतने बार पैसे मत निकालो।
★ज्यादा निकाले तो टैक्स दो।
★खाते में पैसे छोड़ दो,
★न छोड़ा तो जुर्माना भुगतो।
★खाते में इतने पैसे कहाँ से आए?
★ज्यादा पैसों पर टैक्स भरो।
★गुड्स पर टैक्स भरो।
★सर्विस पर टैक्स भरो।
★कफन पर टैक्स भरो।
*सारा पैसा बैंक में रखो।
*बैंक की पैसे की कोई जम्मेदारी नही।
★सीए के साथ मिलकर गफलत मत करो।
★बच्चे को आधार के साथ स्कूल भेजना।
★यूपी-एमपी में बीफ़ मत खाओ।
★गोआ में हो तो मजे से खाओ।
★मेले में जानवर को मत बेचो।
★जानवर या ईमान, जो बेचना है घर में बेचो।
★स्कूल में योग करो। योग वाला बाबा फैक्टरीयां चलायेगा।
★घर में चीन का सामान मत ले जाओ।
★केवल सरकार चीन को ठेके देगी।
★गाय को सताया तो खैर नहीं। उनको काटने का कार्य कत्लखाने करेंगे।
भारत में 800 रेलवे स्टेशन पर फ्री वाय फाय मिलेगा इसके लिये सरकार ने गूगल के साथ साढ़े चार लाख करोड़ का करार किया है। किसानो के कर्ज़ माफ करने के लिये 86 हज़ार करोड़ नहीं है लेकिन वाय फाय के लिये साढ़े चार लाख करोड़ है।
लोगों को जीने के लिये रोटी चाहिए या वायफाय?
मुख्यमंत्री - गोरखपुर - उत्तर प्रदेश
प्रधानमंत्री - बनारस - उत्तर प्रदेश
राष्ट्रपति - कानपुर - उत्तर प्रदेश
गृहमंत्री - लखनऊ - उत्तर प्रदेश
अन्य बड़े केन्द्रीय मंत्री - 7 उत्तर प्रदेश
सांसद 73 - उत्तर प्रदेश
विधायक 324 - उत्तर प्रदेश
और 69 लाख के पेमेंट के लिए 63 बच्चो की मौत हो गई !
खैर मनाये की मरने वाले 63 बच्चे गरीबो के थे !
अगर गाय के होते तो देश (गौ) भक्त ईट से ईट बजा देते !
75 सांसद और 337 विधायक वाले मुख्यमंत्री कह रहे है ।।। " गन्दगी, से हुई है मौते "
मतलब....... "स्वच्छ भारत अभियान"... श्रीलंका मे चल रहा था ! ....... 3 साल से ....
जिन्दगी भाषण से नही आक्सीजन से चलती है।

Wednesday, 17 January 2018

मोदी और योगी जी के जुमले

मोदी जी ने हज की सब्सिडी बंद कर दी।
योगी जी ने बुजुर्गों की तीर्थयात्रा बंद कर दी।
मोदीं जी ने शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट घटाया तो योगी जी ने छात्रों की स्कॉलरशिप बंद कर दी और अस्पतालों में 'ऑक्सिजन' बंद कर दिया।
केंद्र-प्रदेश का बजट केवल जुमलों के प्रचार पर खर्च हो रहा है!!
मेरा देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है ।