Thursday, 27 January 2022
अखिलेश यादव ने दारा सिंह को दिया सबसे अच्छा तोहफा बीजेपी से कर चुके हैं बगावत
खास बात यह है कि भाजपा से सपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री दारा सिंह चौहान (Dara Singh Chauhan) को मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि पार्टी ने नौ मुस्लिम और पांच महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
इनके अलावा बसपा से सपा में आए विधायक लालजी वर्मा (lalji verma) अंबेडकरनगर जिले की कटहरी सीट से, रामअचल राजभर को अंबेडकरनगर सीट से उम्मीदवार बनाया है। सपा ने अपने मौजूदा विधायक शैलेन्द्र यादव 'ललई' को जौनपुर जिले की शाहगंज सीट से और आशुतोष उपाध्याय (Ashutosh Upadhyay) को देवरिया जिले की भाटपाररानी सीट से उम्मीदवार बनाया है। पूर्व बसपा सांसद दाऊद अहमद को लखीमपुर खीरी की मुहम्मदी सीट से, कांग्रेस से सपा में शामिल हुए रमाकांत यादव (Ramakant Yadav) को आजमगढ़ जिले की फूलपुर पवई सीट से टिकट दिया गया है। इनके अलावा पार्टी ने अरविंद सिंह गोप को बाराबंकी जिले की दरियाबाद सीट से टिकट दिया है। पिछला चुनाव वह रामनगर सीट से लड़े थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
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वहीं समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के गढ़ माने जा रहे गोरखपुर से भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) से सपा में आने वाले बाहुबली हरिशंकर तिवारी (Harishankar Tiwari) के बेटे विनय तिवारी को चिल्लूपार से टिकट दे दिया गया है। वहीं कैम्पीयरगंज से काजल निषाद, पिपराइच से अमरेंद्र निषाद, गोरखपुर ग्रामीण से विजय बहादुर, सहजनवां से यशपाल रावत, खजनी से रूपवती और बांसगांव से डॉ. संजय कुमार को टिकट दिया गया है। सपा की ओर से अब तक 254 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे जा चुके हैं। बीते मंगलवार को समाजवादी पार्टी ने 39 प्रत्याशियों की सूची जारी की थी।
Wednesday, 11 April 2018
उत्तर प्रदेश में नव निर्वाचित ब्राह्मण विधायकों की सूची (shared as received, and forward only to enlighten the concept only ,however there may be some factual error.) हमारा देश आज भी जाति बिशेष बनकर रह गयी है ।
उत्तर प्रदेश में नव निर्वाचित ब्राह्मण विधायकों की सूची
(shared as received, and forward only to enlighten the concept only ,however there may be some factual error.)
हमारा देश आज भी जाति बिशेष बनकर रह गयी है ।
1. प्रतिभा शुक्ला - अकबरपुर रनिया
2. योगेंद्र उपाध्याय- आगरा
3. अमिताभ बाजपेयी- आर्यनगर कानपुर
4. सतीष चन्द त्रिवेदी-इटवा
5. हर्षवर्धन बाजपेयी-इलाहाबाद
6. मनोज कुमार पांडेय-ऊचाहार
7. चन्द्रम प्रकाश शुक्ल _ कप्तान गंज
8. जटाशंकर त्रिपाठी - खड्डा
9. जय चौबे- खलीलाबाद
10. चन्द्रिका प्रसाद उपाध्याय- चित्रकूट
11. विनय शंकर तिवारी-चिल्लूपार
12. अर्चना पाण्डे - छिबरामऊ
13. विजय मिश्र -ज्ञानपुर
14. रितेश पाण्डे -जलालपुर
15. प्रेम नारायण पांडेय -तरबगंज
16. कैलाश नाथ शुक्ल -तुलसी पुर
17. अमन मणि त्रिपाठी -नौतनवा
18. सुभाष त्रिपाठी -पयागपुर
19. उपेंद्र तिवारी -फेफना
20. सुनील दत्त द्विवेदी -फरुखाबाद
21. आराधना मिश्र- रामपुर
22. ब्रजेश पाठक -लखनऊ
23. देवमणि द्विवेदी -लम्भुआ
24. नीलकांत तिवारी -वाराणसी
25. रजनी तिवारी- शाहबाद
26. ज्ञान तिवारी -सेवता
27. शीतल पांडे- सहजनवा
28. अविनाश त्रिवेदी- बक्शी का तलाब
29. रामनरेश अग्निहोत्री -भोगांव
30. लीना तिवारी- मडियाहू
31. सुरेश तिवारी -बरहज
32. प्रकाश द्विवेदी -बांदा
33. राजेश कुमार मिश्र -बिथरी
34. ह्रदय नारायण दिक्षित -भगवंतनगर
35. रवींद्र नाथ त्रिपाठी -भदौही
36. भूपेष चौबे -राबर्ट्सगंज
37. कमलेश शुक्ल -रामनगर
38. शरद कुमार अवस्थी -रामनगर
39. अनिल पाराशर -कोल
40. अरविंद गिरि- गोकर्णनाथ
41. सत्य देव पचौरी -गोविंदनगर
42. रवि शर्मा- झांसी
43. सतीष चन्द शर्मा -दरियाबाद
44. रीता बहुगुणा जोशी -लखनऊ
45. श्रीकांत शर्मा -मथुरा
46. नीलम करवरिया- मेजा (इलाo)
47. राकेश गौस्वामी- महोबा
48. श्याम सुंदर शर्मा- मांट
49- महेश चंद्र त्रिवेदी- किदवई नगर
50. राधा क्रषण शर्मा- बिल्सी
51. सुनील शर्मा - साहिबाबाद
52. रामवीर उपाध्याय- सादाबाद
53. बाला प्रसाद अवस्थी- धौरहरा
54. शशांक त्रिवेदी- महोली
55- अलका राय- मोहम्मदाबाद (गाजीपुर)
56. रत्नाकर मिश्रा- मिर्ज़ापुर
57. रमेश चंद्र मिश्रा- बदलापुर
58. कमलेश शुक्ल- रामपुरकरखाना
59- इंद्रप्रताप उर्फ़ खब्बू तिवारी- गोसाईगंज
60- राम फेरन पांडेय - श्रावस्ती
61- आशुतोष उपाध्याय - भाटपार रानी
62- विनय द्विवेदी उर्फ़ बिन्नू भैया- मेहनोंन (गोंडा)
63- आनंद स्वरूप शुक्ला- बलिया
पँ अवनी
इतने सारे विधायक अगर यादव होते तो जातिवाद फ़ैल जाता, और बड़े शर्म की बात होती है कि दूसरे तो बाद में बोलते पहले तथाकथित यादव(ऐसे नकली यादवो की वजह से ही हम आज तक पिछड़े हुए है क्योंकि ये सामजिक संगठन का धर्म निभाने में बड़ी शर्म महसूस करते है। ) ही इसे जातिवाद घोषित कर देते। कैसा लचीला जातिवाद है ये।😟😟