donate money

donate money
please donate money

Friday, 16 March 2018

सत्ता के नशे में छोड़कर चला गया भगवान शिव का मठ ढोंगी आदित्यनाथ

सत्ता के नशे में भगवान शिव का मठ छोड़कर चला गया ढोंगी आदित्यनाथ

सत्ता एक ऐसी नशे है एक ऐसा अफीम होता है जिसे कोई एक बार चख ले तो उस नशे के बिना नहीं रह सकता यह जब नशा सा किसी पर चढ़ता है हेतु वह भगवान को भी भूल जाता है

और  खुद को भगवान समझने लगता है यही हाल योगी ढोंगी आदित्यनाथ का हुआ जिस मठ की सेवा करने के लिए कई पुजारी दिन रात लगे रहते हैं जिस मठ का उत्तराधिकारी बनने के लिए कई लोगों ने अपनी जीवन खफा दी मगर भोले बाबा शिव शंकर किसी एक को ही चुनते हैं अपनी सेवा के लिए उसको ही शक्ति देते हैं मगर वह नहीं जानते थे कि वह अपनी सेवा के लिए एक ढोंगी को चुन रहे है।

और जो सत्ता के नशे में चूर होकर भगवान की भक्ति भूल जाएगा और किसी नेता का प्रचार पार्टी का प्रचार करेगा भोले बाबा का प्रकोप बरसा

जो कई सालों तक नहीं हुआ वह अब हुआ सत्ता एक ऐसी नशा है जिसमें आदमी भगवान तक को भूल जाता है और यही हुआ ढोंगी आदित्यनाथ जहां से शक्ति प्राप्त करता है

उसी मठ को छोड़कर वह सत्ता के नशे में सत्ता के गलियारों में पहुंच गया और उसका हाल यही हुआ कि भोले बाबा उसे अपने मठ से बाहर निकाल  दिया

और उस ढोंगी आदित्यनाथ को उस की सजा दी अगर कोई बाबा या योगी धर्म का प्रचार ना कर के किसी एक पार्टी प्रचार करता है

तो ढोंगी बन जाता है और जन की सेवा ना करता हो बस एक जाति विशेष जिसे वह अपना धर्म समझता है तो वह ढोंगी बन जाता है ढोंगी किसी का नहीं होता भगवान को वह अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है

ढोंगियों का यही हाल होता है होता रहेगा जो ढोंगी धर्म का चोला ओढ़कर धर्म का प्रचार ना करें सिर्फ नफरत फैला है और एक पार्टी एक झंडे का प्रचार करे यह ढोंगियों की निशानी है

भगवान शिव ने बहुत अच्छा किया जो एक ढोंगी को अपने मठ से निकाल दिया

जय भोलेनाथ

जय शिव शंकर

No comments:

Post a Comment